मोरेंस वर्ष 2006 से 2022 तक NIAID के निदेशक कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार रहे थे।
COVID-19 रिसर्च मामले में पूर्व NIAID अधिकारी ने दोष स्वीकार किया
अमेरिका। COVID-19 महामारी के दौरान सरकारी रिकॉर्ड छिपाने और सूचना के अधिकार से जुड़े कानूनों से बचने के मामले में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी डेविड एम. मोरेंस ने संघीय अदालत में दोष स्वीकार किया है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को मोरेंस ने सरकारी रिकॉर्ड से जुड़े संघीय कानूनों से बचने और अमेरिका को धोखा देने की साजिश से जुड़े आरोप में अपना अपराध स्वीकार किया।
मोरेंस वर्ष 2006 से 2022 तक NIAID के निदेशक कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार रहे थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, -19 महामारी के दौरान सरकारी कामकाज से जुड़े संचार को सार्वजनिक रिकॉर्ड में आने से बचाने के लिए मोरेंस और अन्य लोगों ने उनके निजी Gmail खाते का इस्तेमाल किया।
मामला कोरोनावायरस रिसर्च ग्रांट से जुड़े सरकारी संचार और दस्तावेजों से संबंधित है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, संबंधित ग्रांट में बैट कोरोनावायरस के उभरने के जोखिम पर शोध शामिल था और NIH ने बाद में इस ग्रांट को समाप्त कर दिया था।
जांच के अनुसार, मोरेंस और उनके सहयोगियों ने ग्रांट को बहाल कराने तथा उससे जुड़े मुद्दों पर प्रभाव डालने के प्रयास किए। इसके लिए निजी ईमेल के माध्यम से सरकारी कामकाज से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
मोरेंस को इस मामले में अधिकतम पांच वर्ष तक की जेल हो सकती है। वास्तविक सजा अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा Sentencing Guidelines और अन्य कानूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तय की जाएगी।
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